नवचैतन्यसे सजा आज संसार

सृष्टी के प्रथम दिवस - नव सृजन के इस महान पर्व, भारत वर्ष की सनातन हिंदू धर्म की महान गौरवशाली परंपरा का पुन:नव गान करनेवाला, इस भारत वर्ष महान मानवता में ईश्वरत्व दर्शानेवाली महान सनातन संस्कृति का महापर्व - नूतन वर्षारंभ आज से होने जा रहा है| वासंतिक नवरात्रि का भी यह प्रारंभ है|

गुडीपाडवा की शुभकामनाएँ


आप सबको इस महापर्व की ह्रदय से ढेर सारी शुभकामनाएँ| यह वर्ष स्वप्नों की परिपूर्ति का हो|चैतन्यपूजा का हो, यही शुभकामना| 

नव सृजन के इस आनंद में आईये आज एक गीत से नव वर्ष का प्रारंभ करतें हैं| 

नवचैतन्यसे सजा आज संसार
धरा खिली मिटा अंधकार
हर ओर प्रसन्न हर क्षण फैला  
प्रकाश प्रकाश भर आकाश
हर दिशा में फैला
कलियाँ खिली, फूल बन गए
मन के दोष आज मिट गए
एक नयी तरंग उठी
प्रेम की एक लहर हर ओर फैली
चैतन्य का यह अथांग सागर
प्रेम का प्रकाश खिले उमंग
तारों ने जब चलना चाहा
अरुण लालिमा ने गगन खिल उठा
निशा घोर अंधियारी गयी
प्रकाश प्रकाश फिर खिल उठा
हवा में भी एक सुगंध उठी
पंछियोने भी अपनी मुस्कुराहट सुनायी
गीत नए पंछी गाने लगे
धरतीमाता में भी आनंद उमड़े
पत्ते भी छोटे ऐसे खिले
जैसे नव जीवन की परिभाषा मिले
सृजन यह धरती का
नव वर्ष यह भारतवर्ष का
कोयल ने गीत एक नया फिर गया
नव सृजन का सन्देश फिर सुनाया
हर अंत है, एक नव प्रारंभ  
हर मृत्यु है एक नव सृजन
अंधकार भी है प्रकाश का सर्जक
धैर्य से चले अगर दृढ़ कर्मपथ
धैर्य से चले अगर दृढ़ कर्मपथ
वसंत सुनाये फिर एक गीत नया
नव सृजन की एक नव गाथा
नव सृजन का नव पथ
चलते रहना है अथक
मिटाके अपने आपको कर्मयज्ञमें
नवजन्म – नवजीवन है जीना फिरसे

नववर्ष के उपलक्ष मे अंग्रेजी गीत गुरुकृपा पर फर्स्ट डे ऑफ युनिवर्स - First Day of The Universe
और मराठी ब्लॉग विचारयज्ञ पर :  नववर्ष हे आनंदाचे 

1 टिप्पणी:

  1. New year, new beginnings, new hopes and a new positive stride with a beautiful song.. Wonderful! Belated Happy Gudi Padwa to you dear Mohinee and to your family too :)

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चैतन्यपूजा मे आपके सुंदर और पवित्र शब्दपुष्प.........!

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