रविवार, 27 जनवरी 2013

सफल कर्मरहस्य

नमस्ते बंधुओं और भगिनियों| बहुत दिनों से कुछ हिंदी काव्य लिखा नहीं। आप सबका बहुत स्मरण होता था, कुछ न कुछ लिखने का मन करता था पर लिख नहीं पाते थे। आज बहुत दिनों बाद चैतन्यपूजा में हिन्दी की सेवा तथा काव्यसाधना हो रही है और मन अतिशय प्रसन्न है।

रविवार, 25 नवम्बर 2012

बुधवार, 31 अक्तूबर 2012

हे नीलगगन




आज की प्रस्तुति है, मेरी प्रार्थना नीले आकाश से ! आकाश सर्वत्र है और वह हमें अनुभूति देता है अध्यात्म की, एकत्व की |



यह प्रार्थना पहले अंग्रेजी में प्रस्तुत हो चुके मेरे काव्य O Blue Sky का हिंदी प्रस्तुतिकरण है |  

रविवार, 30 सितम्बर 2012

जीवन - एक महाकाव्य


मेरी अंग्रेजी कविता 'एपिक ऑफ़ द लाइफ' का मराठी रूपांतरण 'जीवन एक महाकाव्य' आपने कदाचित पढ़ा होगा, उन्ही काव्यों का यह हिंदी रुपंतारांतरण आज आपके समक्ष प्रस्तुत करने में आनंद हो रहा है | आशा है आपको यह प्रस्तुति मनभावन लगेगी| 


जीवन यह है एक मधुर काव्य
हर क्षण लिखे यह कोई श्लोक सुन्दर
प्रेम शांति के भावना इनमें
ह्रदय से प्रकटे नव आल्हाद लेकर

मंगलवार, 17 जुलाई 2012

इस पल को थाम लेतें हैं


हम कभी कभी बहुत उदास हो जातें हैं, दु:खी होतें हैं, रोने का मन करता है पर आसूँ भी नहीं आते| फिर हम जीवन में कोई परिवर्तन लातें हैं, कुछ बदलाव हमारी आदतों में, कुछ समय हम अपने आप के लिए देतें हैं| आज कल हम दुनिया से बहुत दूर चलें गएँ हैं| हमें बस् अकेले रहना हैं, और अपनी भावनाओं को, अपने जीवन को समझना है| |

हम ऐसे बिना बताएँ गायब हो जातें हैं, तो हमारे सुहृदों को बड़ी चिंता होने लगती है| हम किसी समस्या में फसे हो, तो बात नहीं कर पाते| पर आजकल तय किया है, आप सबको चिंता न हो इसलिए हम ब्लॉग पे तो मिलते ही रहेंगे और कभी कभी हालचाल भी बताया करेंगे|||||

सोमवार, 9 जुलाई 2012

मुस्कान के आसूँ ...

जीवन में कुछ रिश्ते ऐसे होतें हैं, कुछ लोग ऐसे मिलते हैं, मानो कोई भ्रम हो, केवल एक भ्रमजाल ! पर इस भ्रम जाल में फसकर हम अपनी मुस्कान और भोलापन न खो बैठे इसलिए यह काव्यपंक्तियाँ

एक भोलिसी मुस्कान ने एक छलावे के लिए लिखी ...
छलावा तो छलावा है, कभी नहीं समझेगा पर मुस्कान को तो अपने आसूं लिखने थे,  बस् यह काव्य वही आसूं है,      मुस्कान के आसूँ ..